NCR Newsफरीदाबाद

सोनम वांगचुक के साथ पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला : सुभाष लांबा

फरीदाबाद। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक तथा उनके साथ अनशन पर बैठे अन्य छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने और उनके साथ कथित हाथापाई की घटना की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव ए.श्री कुमार ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को पुलिस बल के माध्यम से दबाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। सरकार को दमन का रास्ता छोडक़र संवाद और लोकतांत्रिक समाधान का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा करा कर सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करवाने की बजाय दमन का रास्ता अख्तियार करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देशभर में विभिन्न जन आंदोलनों के प्रति सरकार का रवैया चिंताजनक रहा है। नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों सहित अनेक लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रति भी दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और इससे जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार जनता की आवाज़ को सुनना और उसका सम्मान करना है, न कि उसे बलपूर्वक दबाना। किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस बल का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव ए.श्री कुमार ने कहा कि सोनम वांगचुक के आंदोलन तथा नीट एवं अन्य पेपर लीक के खिलाफ चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रति महासंघ अपना समर्थन व्यक्त करता है। महासंघ सरकार से मांग करता है कि शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई तत्काल बंद की जाए, उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने देश के सभी कर्मचारी, किसान, मजदूर, छात्र, युवा एवं लोकतांत्रिक संगठनों से अपील करता है कि वे संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण जन आंदोलनों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button