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केरल: 2022 में ब्राजील की हार के बाद से बिस्तर पर है युवक, 4 साल बाद हंसा; परिवार को चमत्कार की उम्मीद

कोच्चि। फुटबॉल वर्ल्ड कप का फीवर इन दिनों पूरी दुनिया में चढ़ा हुआ है लेकिन केरल के काक्कनाड के एक परिवार और उसके करीबियों के लिए इस वर्ल्ड कप को सपोर्ट करने एक निजी मामला है।

वो इस वर्ल्ड कप में ब्राजील की टीम को सपोर्ट कर रहे हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि ब्राजील की जीत शायद उनके लिए कुछ चमत्कार कर दिखाए। दरअसल, 2022 के वर्ल्ड कप के दौरान इस परिवार का बेटा अक्षय ब्राजील टीम के बाहर होने के बाद स्ट्रोक की वजह से बिस्तर पर है। उन्हें उम्मीद है कि अगर ब्राजील की टीम जीतती है तो शायद वह फिर से चल फिर सके।

परिवार को क्यों जगी उम्मीद?

वर्ल्ड कप में ब्राजील की वापसी से ही 26 साल के अक्षय के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है, जिससे परिवार को नई उम्मीद मिली है कि फुटबॉल के लिए उसका अटूट प्यार उसके ठीक होने में मदद कर सकता है।

पिछले शनिवार उसके कुछ दोस्त उससे मिलने आए और बताया कि ब्राजील टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर गया है। चार साल में पहली बार उन्होंने उसमें साफ तौर पर कोई प्रतिक्रिया देखी।

4 साल बात मुस्कुराया अक्षय

परिवार ने बताया, “वह मुस्कुराया।” शनिवार को जब ब्राजील अपने दूसरे ग्रुप मैच के लिए हैती का सामना करेगा तो उनके घर के पास एक लोकल क्लब पब्लिक स्क्रीनिंग का आयोजन करेगा। उसके पिता के.टी. पुरुषोत्तमन ने कहा, “अस्पताल जाने के अलावा चार साल में यह अक्षय का घर से बाहर निकलने का पहला मौका होगा।”

क्या है अक्षय की कहानी?
खुद फुटबॉलर बनने का सपना देखने वाला अक्षय ब्राजील का बहुत बड़ा फैन है और उसके परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि उसकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आएगा। पुरुषोत्तमन को आज भी याद है कि उन्हें अपना बेटा उस पब्लिक स्क्रीनिंग वाली जगह पर बेसुध पड़ा मिला था, जहां उसने मैच देखा था।

उन्होंने कहा, “ब्राजील की हार के दो घंटे से ज्यादा बीत चुके थे, लेकिन अक्षय घर नहीं लौटा था। वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था और हम उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए।” जांच में तुरंत पता चला अक्षय को ब्रेन में ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) जमने की वजह से स्ट्रोक आया था।

पिछले चार साल से परिवार की मदद कर रही संस्था कनिवु पैलिएटिव केयर के रीजनल सेक्रेटरी प्रदीप एनके ने कहा, “उसे मैच के दौरान या मैच के ठीक बाद स्ट्रोक आया था।”

उनके दोस्तों ने बताया कि आखिरी सीटी बजने के बाद अक्षय बिल्कुल सुन्न होकर बैठ गया था। उन्हें लगा कि वे इस हार के बाद अकेले रहना चाहता है, इसलिए वे चुपचाप चले गए। जिसे उन्होंने दुख समझा, असल में वह एक मेडिकल इमरजेंसी थी।

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