क्राइमफरीदाबाद

फेसबुक पर दोस्ती कर ऑनलाइन गेमिंग जरिए ठगे 15 लाख, तीन आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद, 24 जून । फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर ऑनलाइन गेमिंग एवं निवेश प्लेटफॉर्म में अधिक मुनाफे का लालच देकर 15 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने खाताधारक सहित तीन आरोपितों को रोहतक से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान रोहतक निवासी अमन, अवतार उर्फ कल्लू तथा अरुण के रूप में हुई है। आरोपियों को बुधवार अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार एनआईटी-1 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पिछले दिनों उसकी फेसबुक के माध्यम से एक युवती से पहचान हुई थी, जिसने स्वयं को आर्किटेक्ट बताया। कुछ समय बाद उक्त युवती ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया, लेकिन व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा। युवती ने नियमित वीडियो कॉल एवं बातचीत के जरिए उसका विश्वास जीता और भावनात्मक रूप से निकटता बढ़ाई। इसके बाद उसने एक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया और ऑनलाइन गेमिंग/इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर अपनी आईडी और पासवर्ड देकर अकाउंट संचालित करने के लिये शिकायतकर्ता को कहा। अकाउंट में अधिक मुनाफे को देखकर उसने भी निवेश करने का मन बनाया और 20 से 27 जनवरी 2026 के बीच युवती द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 15 लाख ट्रांसफर कर दिये और जब उसने निवेश और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो प्लेटफॉर्म द्वारा निकासी नहीं की गई और बार-बार अधिक राशि निवेश करने के लिए कहा गया तथा बताया गया कि अतिरिक्त निवेश के बाद ही उसका पैसा निकाला जा सकेगा। तब उसको अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ। शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि तीनों आरोपित एक ही क्षेत्र के निवासी हैं और एक-दूसरे के परिचित हैं। अवतार कलानौर में चिकन शॉप संचालित करता है, अरुण मजदूरी करता है तथा अमन ढोल बजाने का काम करता है। खाता उपलब्ध कराने का सूत्रधार अवतार है। जिसने पहले भी अपना खाता ठगो को उपलब्ध कराया था। उसने अरुण को खाता देने के लिए कहा था, जिस पर अरुण ने अमन को तैयार किया और फिर तीनों एक अन्य व्यक्ति के पास मुंबई गये। जहां पर अमन का खाता खुलवाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया और खाता खुलने के बाद ठगो को दे दिया गया। इसके उपरांत खाता में ठगी की राशि में से 4 लाख प्राप्त हुये। फिर उन्होंने एटीएम कार्ड व चेक के माध्यम से मुंबई में ही नकद पैसे निकाल कर ठगो को दे दिये। बैंक खाते में अरुण का मोबाइल नंबर पंजीकृत था।

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