
फरीदाबाद, 24 जून । फरीदाबाद के सेक्टर-70 स्थित मलबरी काउंटी सोसायटी में इन दिनों स्ट्रीट डॉग यहां के निवासियों के लिए मुसीबत बन गए है। पिछले कई महीनों में बड़े और बच्चों पर डॉग बाइट के 80 से ज्यादा मामले सामने आ चुके है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि स्ट्रीट डॉग बिना किसी रोक टोक के अंदर घूमते रहते है, जिनको बाहर निकालने के लिए उन्होंने खुद हाथों में डंडा उठाया है। स्थानीय निवासी महिला सरिता ने बताया कि मंगलवार की शाम को उनके बच्चे पार्थ पर दो स्ट्रीट डॉग ने सोसायटी के अंदर हमला कर दिया। जिसमें उसके पुरे शरीर पर कई जगह से काट लिया। बच्चे के सिर में भी चोट आई है जिसको इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है। जहां पर उसके सिर का ऑपरेशन किया जा रहा है। सुरेश बंसल ने बताया कि सोसायटी में कुछ लोग स्ट्रीट डॉग को खाना खिलाते है, जिसके कारण यहां पर इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सोसोयटी के बेंसमेंट से लेकर दूसरे हिस्सों में इन डॉग के हमले हो रहे है। गेट पर खड़े सुरक्षा कर्मी भी इनको रोकने में पूरी तरह से असमर्थ है। महिला पूजा ने बताया कि लाखों रूपए की कीमत के फ्लैट लेकर वो यंहा पर रह रहे है, लेकिन अपने बच्चों को घरों से बाहर निकालने में डरते है। बच्चे ही नही बड़े लोग भी घरों से बाहर निकलने में डरते है। क्योंकि कब कहां से कोई स्ट्रीट डॉग हमला कर दें इसका डर रहता है। जब भी वो नगर निगम को इसके बारे में शिकायत करते है तो केवल 2-3 डॉग को पकड़ कर खाना पूर्ति की जाती है। निगम के डेटा के मुताबिक, शहर में कुत्तों की संख्या 18 हजार से ज्यादा है। हालांकि, नसबंदी के लिए सिर्फ एक एजेंसी है। यह एजेंसी रोजाना सिर्फ 25 से 30 कुत्तों की नसबंदी करती है। कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद निगम ने दावा किया था कि वह नसबंदी का काम दूसरी एजेंसी को भी देगा। लेकिन निगम अभी तक दूसरी एजेंसी नियुक्त नहीं कर पाया है बादशाह खान अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा कुत्ते के काटने के मामले सामने आते हैं। ये सिर्फ सरकारी अस्पताल के आंकड़े हैं। पूरे शहर में कुत्ते के काटने के मामलों की संख्या रोजाना 300 से ज्यादा है।





