
फरीदाबाद में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट को लेकर पुलिस विभाग द्वारा एक विशेष सेमिनार और रिव्यू मीटिंग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना प्रभारियों, चौकी इंचार्जों और जांच अधिकारियों ने भाग लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य बच्चों से जुड़े मामलों की जांच की गुणवत्ता में सुधार करना और पीड़ित बच्चों को समय पर न्याय दिलाना रहा।
सेमिनार में एसीपी विनोद ने अधिकारियों को जेजे एक्ट के नियमों और प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाया जाना चाहिए।
अपराधों में बच्चों का प्रयोग गलत : एसीपी
उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों से दूर रखना चाहिए। यदि कोई अभिभावक बच्चों को अपराध के लिए प्रेरित करता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी जुवेनाइल मामले में बच्चे की पहचान गोपनीय रखी जाए और उसकी आयु का सत्यापन करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों को जेजे एक्ट का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।





