हरियाणा

हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में शवगृह सुविधाओं पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त

 

सोनीपत और फरीदाबाद के मामलों के बाद दीप भाटिया ने दिए नियमित निरीक्षण के निर्देश
मृतकों की गरिमा और सम्मानजनक संरक्षण सुनिश्चित करने पर मानवाधिकार आयोग ने दिया जोर

चंडीगढ़-पानीपत-सोनीपत-फरीदाबाद, 16 जुलाई 2026 – हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में शवगृह (मॉर्च्युरी) सुविधाओं, शवों के सम्मानजनक संरक्षण तथा फ्रीजर चैंबरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल में उपलब्ध शव संरक्षण फ्रीजरों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तथा उन्हें हर समय कार्यशील स्थिति में रखा जाए, ताकि किसी भी मृतक एवं उसके परिजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

आयोग के सदस्य श्री दीप भाटिया ने सोनीपत एवं फरीदाबाद से संबंधित दो अलग-अलग शिकायतों की सुनवाई के दौरान प्राप्त रिपोर्टों का परीक्षण करते हुए संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।

सोनीपत मामले में शिकायतकर्ता श्री जोगेन्द्र सिंह, निवासी पानीपत ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनके 30 वर्षीय पुत्र विकास की 18/19 जुलाई 2024 की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल, सोनीपत भेजा गया, लेकिन शव को सुरक्षित रखने, उसकी उचित देखभाल तथा पहचान की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मॉर्च्युरी में पर्याप्त एवं कार्यशील फ्रीजर उपलब्ध न होने के कारण शव के संरक्षण में कठिनाइयाँ आईं, जिससे परिवार को मानसिक पीड़ा एवं परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी शिकायत में आयोग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

वहीं फरीदाबाद मामले में आयोग ने बीके सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी सुविधाओं, शव संरक्षण व्यवस्था तथा मृतकों के सम्मानजनक रख-रखाव के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल में मृतकों के संरक्षण के लिए 14 डेड बॉडी फ्रीजर चैंबर उपलब्ध हैं, जिनमें से 10 कार्यशील हैं तथा 4 अस्थायी रूप से बंद हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन औसतन 5 से 10 पोस्टमार्टम किए जाते हैं।

सोनीपत प्रकरण में सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार सिविल अस्पताल के शवगृह में 8 डीप फ्रीजर उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में कैजुअल्टी विभाग में एक तथा फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में दो मॉर्च्युरी चैंबर उपलब्ध होने की जानकारी आयोग को दी गई।

आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि दोनों मामलों में रिपोर्टों पर विचार करने के उपरांत हरियाणा मानव आयोग द्वारा संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि शवगृहों में उपलब्ध सभी फ्रीजर चैंबरों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी फ्रीजर हर समय कार्यशील स्थिति में रहें। आयोग ने कहा कि मृतकों की गरिमा की रक्षा करना तथा उनके शवों का सम्मानपूर्वक संरक्षण सुनिश्चित करना स्वास्थ्य संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button